साहित्य गंगा

डॉ. श्रीराम परिहार

परिचय
जन्म : 16 जनवरी 1952, फेफरिया, खंडवा (मध्य प्रदेश) भाषा : हिंदी विधाएँ : निबंध, गीत, यात्रा वृत्तांत, लोक साहित्य
मुख्य कृतियाँ
निबंध संग्रह : आँच अलाव की, अँधेरे में उम्मीद, बजे तो वंशी, गूँजे तो शंख, ठिठके पल पँखुरी पर, रसवंती बोलो तो, झरते फूल हरसिंगार के, धूप का अवसाद, हँसा कहो पुरातन बात, भय के बीच भरोसा, परम्परा का पुनराख्यान, रचनात्मकता और उत्तर परंपरा नवगीत संग्रह : चौकस रहना है लोक साहित्य : कहे जन सिंगा यात्रा वृत्तांत : संस्कृति सलिला नर्मदा शोध : ललित निबंध : स्वरूप एवं परम्परा संपादन : अक्षत (ललित निबंध एवं नवगीत केंद्रित पत्रिका)
सम्मान
वागीश्वरी पुरस्कार (ललित निबंध पर हिंदी साहित्य सम्मेलन, भोपाल द्वारा), निर्मल पुरस्कार, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पुरस्कार, अखिल भारतीय अंबिकाप्रसाद दिव्य स्मृति पुरस्कार, चक्रधर सम्मान,  संत सिंगाजी पुरस्कार, अभिनव शब्द-शिल्पी सम्मान, राष्ट्र धर्म गौरव सम्मान, राष्ट्रीय हिंदी सेवी सहस्त्राब्दी सम्मान (विश्व हिंदी सम्मेलन, दिल्ली), सारस्वत सम्मान (म.प्र. लेखक संघ, भोपाल), हिमालय कला एवं साहित्य सम्मान (श्रीनगर गढ़वाल, उत्तराखंड)
संपर्क : आजाद नगर, खंडवा, मध्य प्रदेश, पिनकोड – 450001
फोन : 0733 2246655, 09425342748
ई-मेल : shriramknw@gmail.com
रचनाएँ आलोचना
  • दहकती धरती पर चिंतन-बीज-मंत्र-अज्ञेय
निबंध
  • कहाँ से शुरू हुए; कहाँ पहुँचे
  • निर्जन वन में रमता जोगी
  • माँ की लोरी; रस की गागर
  • शब्द-शब्द झरते अर्थ
  • श्रीलंका में रामकथा और शिव आराधना के पुण्य प्रसंग
यात्रावृत्त
  • श्रीलंका का पागल कर देने वाला सिंधु-सौंदर्य
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