हमारे बारे में (About Us)
साहित्य गंगा साहित्यिक मंच की पृष्ठभूमि, मिशन एवं उद्देश्य की प्रामाणिक प्रस्तुति।
🎯 हमारा मिशन (Our Mission)
भारतीय विकास संस्थान देश का प्रतिनिधि संस्थान है जो पिछले तीन दशकों से सामाजिक, सांस्कृतिक व शैक्षणिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। संस्थान के साहित्य अनुभाग द्वारा भारतीय साहित्य के देशव्यापी एवं वैश्विक प्रचार-प्रसार के लिए ‘साहित्य गंगा’ नामक अत्याधुनिक वेबसाइट व पोर्टल लब्ध-प्रतिष्ठित विद्वानों के मार्गदर्शन में तैयार किया गया है।
‘साहित्य गंगा’ में हिन्दी और उर्दू साहित्य की अमर रचनाएँ उनके रचनाकारों के विस्तृत जीवन परिचय के साथ विधिपूर्वक संग्रहीत की जा रही हैं। युवा पीढ़ी की उत्कृष्ट रचनाएँ भी इस मंच पर नियमित रूप से उपलब्ध करवाई जा रही हैं, जिसके माध्यम से हमारी गौरवमयी भाषाओं का साहित्यिक ज्ञान न केवल भारत में अपितु सम्पूर्ण विश्व जनमानस तक अपनी गहरी और अमिट पैठ बना सके।
नई पीढ़ी में हिन्दी-उर्दू को लोकप्रिय बनाने के महत्वपूर्ण उद्देश्य के तहत साहित्य गंगा की संकल्पना की गई है। राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय भाषा के रूप में हिन्दी का सम्यक विकास करने, इसे वैश्विक पटल पर सर्वोच्च गौरव दिलाने और जनसंचार, व्यापार, प्रबंधन, विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा तथा प्रशासनिक कामकाज की सशक्त भाषा के रूप में दक्ष बनाने का हमारा सुसंगत प्रयास है।
📊 साहित्य गंगा एक नज़र में
- 🏛️ मूल संस्था: भारतीय विकास संस्थान
- 🌐 स्थापित पोर्टल: साहित्य गंगा हिन्दी-उर्दू मंच
- 📚 कुल साहित्य संग्रह: १,२००+ रचनाएँ व इतिहास
- ✍️ रचनाकार कवरेज: प्राचीन से आधुनिक काल तक
- 🏢 मुख्य प्रशासनिक कार्यालय: मुंबई, महाराष्ट्र
✍️ हमारा नेतृत्व (Our Leadership)
डॉ. योगेश दुबे
डॉ. योगेश दुबे का जन्म २८ जुलाई १९७४ को मुंबई में हुआ। आपने प्राथमिक शिक्षा संजीवन विद्यालय, पंचगनी से ली। मुम्बई विश्वविद्यालय से पी.एच.डी. की उपाधि हासिल की। वीर बहादुर सिंह विश्वविद्यालय से बी.एड., अहमदाबाद एविएशन अकादमी से पायलट एवं मुंबई से डिप्लोमा इन हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग का प्रशिक्षण प्राप्त किया। कर्मठता, प्रतिबद्धता और लगनशीलता के धनी डॉ. योगेश दुबे का राजभाषा-हिंदी के प्रचार-प्रसार में अतुलनीय योगदान रहा है।
श्री राकेश दुबे
हिंदी पत्रकारिता की प्रत्येक विधा में अपनी कलम चलाने वाले राकेश दुबे का जन्म २२ दिसंबर १९६५ को उत्तर प्रदेश में जौनपुर जिले के विश्वविख्यात नेवढ़िया बा़जार स्थित बहरी नामक गाँव में हुआ। २० वर्ष से अधिक पत्रकारिता का उत्कृष्ट अनुभव रखने वाले राकेश दुबे ने अपने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत स्वतंत्र पत्रकार के रूप में की और राष्ट्रीय दैनिक 'जनसत्ता' में १२ वर्षों तक वरिष्ठ उपसंपादक रहे।