साहित्य गंगा
डॉ. योगेश दुबे

डॉ. योगेश दुबे

निदेशक व संस्थापक
🎂 जन्म तिथि: २८ जुलाई १९७४
📍 जन्म स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र
🎓 उपाधि: पी.एच.डी. (PhD)
👨‍✈️ विशेष प्रशिक्षण: विमान चालक (पायलट)
संस्थापक परिचय

डॉ. योगेश दुबे का व्यक्तित्व एवं कृतित्व

कर्मठता, अटूट प्रतिबद्धता और असाधारण लगनशीलता के समन्वय से निर्मित हुआ है डॉ. योगेश दुबे का बहुआयामी व्यक्तित्व। अत्यंत कम उम्र में उन्होंने सफलता की नई ऊंचाइयों को छुआ है और अपनी अद्वितीय उपलब्धियों का एक विराट संसार रचा है। राजभाषा-हिंदी एवं उर्दू के प्रचार-प्रसार के क्षेत्र में उनका योगदान राष्ट्रीय स्तर पर मील का पत्थर माना जाता है।

बाल्यकाल एवं उच्च शिक्षा: डॉ. योगेश दुबे का जन्म २८ जुलाई १९७४ को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में हुआ। आपने अपनी प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा सुप्रसिद्ध संजीवन विद्यालय, पंचगनी के प्राकृतिक वातावरण में प्राप्त की। तत्पश्चात् मुम्बई विश्वविद्यालय से आपने सर्वोच्च अकादमिक उपाधि पी.एच.डी. (PhD) प्राप्त कर साहित्यिक शोध के क्षेत्र में योगदान दिया। इसके अतिरिक्त, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से बी.एड. की उपाधि ली तथा अपनी तकनीकी व साहसिक जिज्ञासा की पूर्ति हेतु अहमदाबाद एविएशन अकादमी से व्यावसायिक विमान चालक (पायलट) का प्रशिक्षण प्राप्त किया एवं मुंबई से डिप्लोमा इन हार्डवेयर एवं नेटवर्किंग की तकनीकी दक्षता भी हासिल की।

"हिन्दी केवल हमारी राजभाषा ही नहीं, बल्कि हमारे संस्कारों, मूल्यों और प्राचीन परम्पराओं की सांस्कृतिक धरोहर है। इसका सम्यक और वैश्विक विकास ही हमारा परम ध्येय है।" — डॉ. योगेश दुबे

साहित्यिक एवं सांस्कृतिक जागृति: हिन्दी और उर्दू भाषाओं के प्रचार-प्रसार के लिए राष्ट्रस्तरीय एवं राज्यस्तरीय हिन्दी साहित्य सम्मेलनों, भव्य राष्ट्रीय कवि-सम्मेलनों तथा साहित्यिक संगोष्ठियों का वृहद् स्तर पर आयोजन करना डॉ. दुबे के जीवन का अभिन्न हिस्सा है। विभिन्न मंचों पर हिन्दी नाटकों का सफल मंचन करवाना, देवनागरी पुस्तकों तथा साहित्यिक पत्रिकाओं की विशाल प्रदर्शनियों का आयोजन करना एवं जनसंचार, सिनेमा व दूरदर्शन के विभिन्न माध्यमों में हिन्दी भाषा के उत्तरोत्तर उपयोग के लिए निरंतर प्रयास करना उनके व्यक्तित्व का एक विशेष एवं प्रशंसनीय पहलू है। अहिन्दी भाषी क्षेत्रों में हिन्दी कार्यशालाओं का आयोजन करवाकर उन्होंने राजभाषा को अखिल भारतीय पहचान देने का महान कार्य किया है।

सामाजिक व संस्थागत नेतृत्व: डॉ. योगेश दुबे विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं प्रतिष्ठित सांस्कृतिक संस्थाओं से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। वे राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देने वाले प्रमुख संस्थान 'परिचय भारत प्रतिष्ठान' के संस्थापक न्यासी हैं। इसके साथ ही, लोक कल्याण के प्रति समर्पित 'सरयू फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट' के संस्थापक अध्यक्ष के रूप में वे समाज के वंचित वर्गों की सेवा में निरंतर तत्पर हैं, तथा 'मानव धर्माचरण समिति' के मानद कार्याध्यक्ष के रूप में सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के प्रति कृतसंकल्पित हैं।

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