साहित्य गंगा

फ़िराक़ गोरखपुरी

परिचय
मूल नाम : रघुपति सहाय जन्म : 28 अगस्त 1896, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) भाषा : हिंदी, उर्दू विधाएँ : कविता, गजल, समालोचना
सम्मान : साहित्य अकादमी पुरस्कार, ज्ञानपीठ पुरस्कारसोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार
निधन : 3 मार्च 1982, नई दिल्ली
रचनाएँ कविताएँ
  • अब अक्सर चुप-चुप से रहे हैं
  •  इस सुकूते ‍फ़िज़ा में खो जाएँ
  •  उमीदे-मर्ग कब तक
  •  कभी पाबंदियों से छुट के भी दम घुटने लगता है
  • ग़ैर क्या जानिये क्यों मुझको बुरा कहते हैं
  • ये तो नहीं कि ग़म नहीं
  • ये माना ज़िन्दगी है चार दिन की
  • सुकूत-ए-शाम मिटाओ बहुत अँधेरा है
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