साहित्य गंगा

बुद्धिनाथ मिश्र

परिचय
जन्म : 1 मई 1949, देवधा, समस्तीपुर, बिहार भाषा : हिंदी, मैथिली विधाएँ : गीत, निबंध, कहानी, रिपोर्ताज, पटकथा, संपादन
मुख्य कृतियाँ
गीत संग्रह : जाल फेंक रे मछेरे, जाड़े में पहाड़, शिखरिणी, ऋतुराज एक पल काकैसेट : काव्यमाला, जाल फेंक रे मछेरे (वीनस कंपनी से), मैथिली संस्कार गीतों के दो ई.पी. रिकार्ड (मदन मशीनरी मार्ट, वाराणसी) पटकथा : क्यों और कैसे? (दूरदर्शन के राष्ट्रीय चैनल पर प्रसारित धारावाहिक) संपादन : नोहर के नाहर, स्वयंप्रभ, स्वांतः सुखाय, नवगीत दशक, विश्व हिंदी दर्पण तथा सात मूर्धन्य कवियों के काव्य संकलनों का संपादन
सम्मान
रूस का अंतरराष्ट्रीय अलेग्जेंडर पुश्किन सम्मान, राष्ट्रकवि दिनकर जन्मशती राष्ट्रीय सम्मान, दुष्यंत कुमार अलंकरण, साहित्य भूषण (उ.प्र. हिंदी संस्थान), काव्यवीणा सम्मान, डॉ.शंभुनाथ सिंह नवगीत पुरस्कार, सेतु सम्मान (पारिजात संस्कृति संस्थान, कोलकाता), परिवार सम्मान (मुंबई), महाप्राण निराला सम्मान, बच्चन सम्मान, कविरत्न (हिंदी साहित्य सम्मेलन), साहित्य सारस्वत (हिंदी साहित्य सम्मेलन), सृजन मनीषी अलंकरण (अखिल भरतीय विक्रम परिषद, काशी), अभिनव शब्दशिल्पी (अभिनव कला परिषद, भोपाल)
संपर्क : देवधा हाउस, 5/2 वसंत विहार एन्क्लेव, देहरादून-248006 (उत्तराखंड)
फोन : 0135-2767979, 09412992244
ई-मेल : buddhinathji@gmail.com
रचनाएँ कविताएँ
  आकाशदीप कभी नहीं सोचा था कोसी गाती गृहस्थ चाँद : प्रेमगीत जब दिया टिमटिमाए जाड़े में पहाड़ जाल फेंक रे मछेरे झरते हैं शब्द-बीज देवदार  दिन गिनती के धान जब भी फूटता है पीला चाँद उगा है बैरागी भैरव मोह की नदी यह तपन निबंध कन्या है सुहागिन है जगत माता है फूल आए हैं कनेरों में
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