रमेश बक्षी
परिचय
भाषा : हिंदी विधाएँ : उपन्यास, कहानी, नाटक मुख्य कृतियाँ
देवयानी का कहना है, एक घिसा हुआ चेहरा, पिता दर पिता, कलकत्ता से दिल्ली तक, तलघर, बाहर आए हुए लोग, खाली जेब, मेज पर टिकी कुहनियाँ रचनाएँ कहानियाँ - अगले मुहर्रम की तैयारी
- अंत्याक्षरी
- अलग-अलग कोण
- आम-नीम-बरगद
- एक अमूर्त तकलीफ
- एक समानांतर कहानी
- किस्सा एक शुतुरमुर्ग का
- कोई और
- कोरे कार्ड के चार टुकड़े
- जो सफल हैं
- तवाँ करदन तमामी उम्र
- थर्मस में कैद कुनकुना पानी
- पूरे सोलह आने-भर
- प्रार्थना
- पैरोडी
- बगैर शेड वाले बल्ब की रोशनी
- मेज पर टिकी हुई कुहनियाँ
- मुमताज महल का इयरिंग
- हरी मछली के खेल
- एक और पंचतंत्र