रूपसिंह चंदेल
परिचय
जन्म : 12 मार्च 1951, नौगवाँ, कानपुर (उत्तर प्रदेश) भाषा : हिंदी विधाएँ : कहानी, उपन्यास, आलोचना, यात्रा वृत्तांत, संस्मरण, जीवनी, बाल साहित्य मुख्य कृतियाँ
उपन्यास : पाथरटीला, रमला बहू, नटसार, शहर गवाह, गुलाम बादशाह, रुकेगा नहीं सवेरा, खुदीराम बोस कहानी संग्रह : पेरिस की दो कब्रें, अजगर तथा अन्य कहानियाँ, आदमखोर तथा अन्य कहानियाँ, हारा हुआ आदमी, चौपालें चुप हैं, एक मसीहा की मौत, आखिरी खत, इक्कीस कहानियाँ, जीनियस, तेरह कहानियाँ, साठ कहानियाँ, भीड़ में, बिठूर के क्रांतिकारी आलोचना : साहित्य, संवाद और संस्मरण बाल साहित्य : ऐसे थे शिवाजी, अमर बलिदान, क्रांतिदूत अजीमुल्ला खां, राजा नहीं बनूँगा, होनहार बालक, नन्हा वीर, क्रांतिदूत, जादुई छड़ी, चतुर रबीला, अपना घर, एक था गोलू, देश-विदेश की कहानियाँ, राजा का न्याय अन्य : दक्षिण भारत के पर्यटन स्थल, यादों की लकीरें, दोस्तोएव्स्की के प्रेम, अपराध : समस्या और समाधान अनुवाद : हाजी मुराद (उपन्यास : लियो तोलस्तोय), लियो तोलस्तोय का अंतरंग संसार (लियो तोलस्तोय पर उनके रिश्तेदारों, मित्रों, लेखकों, रंगकर्मियों आदि के 30 संस्मरणों का अनुवाद) सम्मान
हिंदी अकादमी, दिल्ली द्वारा 1990 और 2000 में और उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान द्वारा 1994 में सम्मानित संपर्क : बी - 3/230, सादतपुर विस्तार, दिल्ली - 110 094
फोन : 09810830957/, 09811365809
ई-मेल : roopchandel@gmail.com/rupchandel@gmail.com
रचनाएँ कहानियाँ
- क्रांतिकारी
- खंडित स्वप्न
- खतरा
- दरिंदे
- बैल
- वह चुप हैं
- वह चेहरा
- सड़क की ओर खुलता मकान
- सब बकवास
- हादसा
- डायरी