साहित्य गंगा

वीरेन डंगवाल

परिचय
जन्म : 5 अगस्त 1947, बरेली, उत्तर प्रदेश भाषा : हिंदी विधाएँ : कविता
मुख्य कृतियाँ
कविता संग्रह : इसी दुनिया में, दुष्चक्र में स्रष्टा, स्याही ताल, कवि ने कहा अनुवाद : नाज़िम हिक़मत की कविताओं का संकलन। इसके अतिरिक्त पाब्लो नेरुदा, बर्टोल्ट ब्रेख्त, वास्को पोपा, मीरोस्लाव होलुब और तदेऊश रोजेविच सहित और भी अनेक कवियों की कविताओं का हिंदी में अनुवाद
सम्मान
रघुवीर सहाय स्मृति पुरस्कार, श्रीकांत वर्मा स्मृति पुरस्कार, शमशेर सम्मान, साहित्य अकादेमी पुरस्कार
निधन : 28 सितंबर 2015, बरेली
रचनाएँ 
 कविताएँ
  • अकेला तू भी
  • आएँगे, उजले दिन जरूर आएँगे
  • इतने भले नहीं बन जाना
  • इंद्र
  • उलटबाँसी
  • एक जलती-बुझती खुशी
  • एन जी ओ शब्द
  • एस.एम.एस.
  • कुछ कद्दू चमकाए मैंने
  • कटरी की रुकुमिनी और उसकी माता की खंडित गद्यकथा
  • क्या करूँ
  • केले का पेड़ हाथी की याद
  • काम-प्रेम
  • काव्य-शास्त्री
  • कोठी-बियाबानी
  • खुद को ढूँढ़ना
  • गप्प-सबद
  • गलत हिज्जे
  • चूना
  • चप्पल पर भात
  • जल की दुनिया में भी बहार आती है
  • तोप
  • दुश्चक्र में स्रष्टा
  • धन का घन
  • नैनीताल में दीवाली
  • नाक
  • नागपुर के रास्तेल
  • नींदें
  • पत्रकार महोदय
  • पेप्पोर रद्दी पेप्पोर
  • परंपरा
  • प्रेम के बारे में एक शब्द भी नहीं
  • प्राण-सखा
  • पान की कला
  • पी टी ऊषा
  • फ़ैजाबाद-अयोध्या
  • बकरियों ने देखा जब बुरूँस वन वसंत में
  • बुखार
  • ब्रेष्ट के वतन में
  • बांदा
  •  भीमसेन जोशी
  • मसला
  • माँ की याद
  • मानवीकरण
  • मानसून का पहला पानी
  • मोबाइल पर उस लड़की की सुबह
  • या देवि !
  • रसायनशास्त्री
  • रामगढ़ में आकाश के भी ऊपर परछाईं
  • रामसिंह
  • लकड़ी का बना वही रावण
  • वृक्ष के पत्र
  • वही तोता
  • वापसी
  • सूखा
  • सैनिक अनुपस्थिति में छावनी
  • स्याही ताल
  • सर्दी में उबला आलू
  • साइकिल के बहाने कुछ स्मरण और एक पछतावा
  • हम औरतें
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