परिचय
जन्म : 13 जनवरी 1911, देहरादून (उत्तर प्रदेश)
भाषा : हिंदी, उर्दू
विधाएँ : कविता, आलोचना, कहानी, निबंध
मुख्य कृतियाँ
कविता संग्रह : कुछ कविताएँ, कुछ और कविताएँ, चुका भी हूँ मैं नहीं, इतने पास अपने, उदिता : अभिव्यक्ति का संघर्ष, बात बोलेगी, काल तुझसे होड़ है मेरी, सुकून की तलाश
आलोचना : कुछ गद्य रचनाएँ, कुछ और गद्य रचनाएँ
कहानी : प्लाट का मोर्चा
निबंध : दोआब
संपादन : उर्दू हिंदी कोश
सम्मान
साहित्य अकादमी पुरस्कार, तुलसी पुरस्कार (मध्यप्रदेश साहित्य परिषद), मैथिलीशरण गुप्त पुरस्कार (मध्यप्रदेश सरकार), कबीर सम्मान
निधन : 12 मई 1993
रचनाएँ
कविताएँ - अज्ञेय से
- अन्तिम विनिमय
- अमन का राग
- आओ!
- उत्तर
- उषा
- एक आदमी दो पहाड़ों को कुहनियों से ठेलता
- एक नीला आईना बेठोस
- एक पत्राचार
- एक पीली शाम
- एक मुद्रा से
- एक मौन
- एक मौन
- ऐसा ही प्रण
- कुछ मुक्तक
- कुछ शेर
- कुछ शेर
- कठिन प्रस्तर में
- का. रुद्रदत्त भारद्वाज की शहादत की पहली वर्षी पर
- गजल
- गजल
- गजल
- गजल
- गजल
- गजल
- गजल
- गजलें
- गीत
- गीत
- गीत
| - गीली मुलायम लटें
- घनीभूत पीड़ा
- घिर गया है समय का रथ
- चाँद से थोड़ी सी गप्पें
- चित्त प्रसाद की बहार’ शीर्षक कविता सुनकर
- चीन
- छिप गया वह मुख
- जिंदगी का प्यार
- टूटी हुई, बिखरी हुई
- दूब
- दिन किशमिशी-रेशमी, गोरा
- धूप
- धूप कोठरी के आइने में खड़ी
- न पलटना उधर
- निंदिया सतावे मोहे
- निराला के प्रति
- पूर्णिमा का चाँद
- पूरा आसमान का आसमान
- फाल्गु्न शुक्ला सप्तमी की शाम, 55
- बँधा होता भी
- बात बोलेगी
- बोध
- भुवनेश्वर
- मुझे – न मिलेंगे – आप
- मूँद लो आँखें
- मन
- माई*
- मौन आहों में बुझी तलवार
- ये लहरें घेर लेती हैं
- य’ शाम है
- यह विवशता
| - 'यामा' कवि से
- रेडियो पर एक योरपीय संगीत
- सुनकररुबाई
- रुबाई
- राग
- रात्रि
- लेकर सीधा नारा
- लौट आ, ओ धार
- वसंत पंचमी की शाम, (1948)*
- वसन्त आया
- वह सलोना जिस्म
- वाम वाम वाम दिशा
- शाम और रात : तीन स्टैं जा
- शाम होने को हुई
- शिला का खू न पीती थी
- सुन के ऐसी ही सी एक बात
- सूना-सूना पथ है, उदास
- झरना
- सुबह
- सूरज उगाया जाता
- सागर-तट
- सावन
- सींग और नाखून
- हमारे दिल सुलगते हैं
- हार-हार समझा मैं
- होली : रंग और दिशाएँ
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